मोहतसिब उज़्र बहुत हैं लेकिन इज़्न हम को नहीं गोयाई का

“O censor, defenses abound to plead, yet we have no permission to speak.”

— अल्ताफ़ हुसैन हाली
अर्थ

हे मुहतसिब (निरीक्षक), हमारे पास पेश करने के लिए बहुत सी दलीलें और बहाने हैं, लेकिन हमें बोलने की अनुमति ही नहीं है।

विस्तार

यहाँ शायर समाज के पहरेदार यानी 'मोहतसिब' से एक गहरा शिकवा कर रहा है। वह कहता है कि हमारे पास अपनी बेगुनाही और सच साबित करने के लिए अनगिनत दलीलें हैं, लेकिन जब हमें बोलने की इजाज़त ही नहीं है तो हम क्या कहें? यह शेर सिर्फ़ शराब या इश्क़ की पाबंदियों पर ही नहीं, बल्कि सत्ता और ज़ुल्म के सामने आम इंसान की ख़ामोश कर दी गई आवाज़ का दर्दनाक आईना है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठUnavailable
हिंदी अर्थUnavailable
अंग्रेज़ी अर्थUnavailable
हिंदी विस्तारUnavailable
अंग्रेज़ी विस्तारUnavailable
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.