कोई भी दृश्य से दिल को मैं बहला नहीं सकता; हजारों रंग हैं पर रंग में आ नहीं सकता।
“No sight can soothe my heart's deep despair; Though countless colors exist, I can't partake their flair.”
— अमृत घायल
अर्थ
मैं किसी भी दृश्य से अपने दिल को बहला नहीं सकता। हज़ारों रंग मौजूद हैं पर मैं उनमें रंग नहीं पाता।
विस्तार
ये शेर इश्क़ की उस गहराई को बयां करता है, जहाँ दिल का ध्यान भटकना नामुमकिन हो जाता है। शायर कह रहे हैं कि दुनिया में चाहे कितने भी नज़ारे हों, कितने भी रंग हों, लेकिन जब दिल किसी एक एहसास में डूब जाता है... तो उसे किसी भी बाहरी चीज़ से बहलाना मुमकिन नहीं होता। यह वफ़ा और एकतरफ़े मोहब्बत का इज़हार है।
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