“Upon my boast of subduing her, that fairy-like beauty quipped: What makes your heart believe it is the Seal of Solomon?”
जब मैंने उसे वश में करने का दावा किया, तो उस परी जैसी सुंदरी ने तंज़ करते हुए कहा कि क्या आपका दिल हज़रत सुलेमान की मुहर बन गया है जो सबको अपने अधीन कर लेगा?
इस शे'र में आशिक़ और महबूब के दरमियान एक बेहद ख़ूबसूरत और तीखी नोक-झोंक है। आशिक़ ने गुमान किया था कि वह अपनी परी जैसी महबूब को अपने वश में कर लेगा, लेकिन माशूक़ ने तंज़ कसते हुए पूछा—क्या तुम्हारा दिल 'मोहर-ए-सुलेमानी' (हज़रत सुलेमान की जादुई अंगूठी) है, जिससे जिन्नों और परियों को क़ाबू में किया जाता था? महबूब की यह अदा आशिक़ के गुरूर को तोड़ती भी है और उसके हुस्न की बेपरवाही और नज़ाकत को बड़ी ख़ूबसूरती से बयां करती है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
ऑडियो
Free — just your email. You'll come right back here.
No comments yet. Be the first.
