पछताओगे बहुत मिरे दिल को उजाड़ कर इस घर में और कौन है मेहमाँ तुम्हीं तो हो

“You shall regret it bitterly, laying waste to my heart; who else dwells within this house, you alone are the guest.”

— दाग़ देहलवी
अर्थ

तुम मेरे दिल को बर्बाद करके बहुत पछताओगे, क्योंकि इस घर में तुम्हारे सिवा कोई दूसरा मेहमान नहीं है।

विस्तार

शायर अपने दिल को एक ऐसे घर की तरह देखता है, जहाँ सिर्फ़ और सिर्फ़ उसके महबूब का बसेरा है। वह अपने प्यार को एक मीठी और दर्द भरी चेतावनी देता है कि अगर तुमने इस दिल को तबाह कर दिया, तो अपना ही आशियाना खो बैठोगे और पछताओगे। यह शेर बेहद ख़ूबसूरती से यह एहसास दिलाता है कि किसी चाहने वाले को चोट पहुँचाकर इंसान दरअसल ख़ुद को ही बेघर कर लेता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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