ऐ आह मेरी ख़ातिर-ए-वाबस्ता के सिवा
दुनिया में कोई उक़्दा-ए-मुश्किल नहीं रहा
“O sigh! Beyond my heart, in steadfast sorrow bound,No difficult knot in all the world was found.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
ऐ आह! मेरे बँधे हुए दिल के सिवा दुनिया में कोई मुश्किल समस्या नहीं बची है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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