न इतना बुर्रिश-ए-तेग़-ए-जफ़ा पर नाज़ फ़रमाओ
मिरे दरिया-ए-बे-ताबी में है इक मौज-ए-ख़ूँ वो भी
“Do not take such pride in your oppressor's blade so keen,For in my river of impatience, a wave of blood is also seen.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
तुम जुल्म की तलवार की धार पर इतना घमंड मत करो। मेरी बेचैनी के दरिया में खून की एक लहर भी है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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