क़तरा-हा-ए-ख़ून-ए-बिस्मिल ज़ेब-ए-दामाँ हैं 'असद'
है तमाशा करदनी गुल-चीनी-ए-जल्लाद याँ
“Asad, the sacrificed's blood-drops bedeck the hem with grace,A spectacle it is, the executioner's flower-picking in this place.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
असद, बलि किए गए व्यक्ति के खून की बूंदें दामन को सजा रही हैं। यहाँ जल्लाद का फूल चुनना एक देखने लायक तमाशा है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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