बे-तलब दें तो मज़ा उस में सिवा मिलता है
वो गदा जिस को न हो ख़ू-ए-सवाल अच्छा है
“If given unasked, the joy is indeed greater,Commendable is the beggar who's not accustomed to asking.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
यदि बिना मांगे कुछ दिया जाए तो उसमें अधिक आनंद आता है। वह भिखारी प्रशंसनीय है जिसे मांगने की आदत न हो।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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