नहीं निगार को उल्फ़त न हो निगार तो है
रवानी-ए-रविश ओ मस्ती-ए-अदा कहिए
“My beloved may not hold affection, but she is the beloved nonetheless; Speak of her flowing gait and the intoxicating grace of her style.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
मेरी प्रेमिका को शायद प्रेम न हो, लेकिन वह प्रेमिका तो है ही। उसकी चाल की सहजता और अदा की मादकता का वर्णन कीजिए।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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