ज़ाहिर है हम से कुल्फ़त-ए-बख़्त-ए-सियाह-रोज़
गोया कि तख़्ता-ए-मश्क़ हैं ख़त-ए-ग़ुबार के
“From us the anguish of a black-fated day is clear,”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
हमसे दुर्भाग्य और बुरे दिनों की पीड़ा स्पष्ट रूप से प्रकट होती है, मानो हम ख़त-ए-ग़ुबार (अत्यंत सूक्ष्म लिपि) के अभ्यास के लिए एक तख़्ती हों।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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