हसरत से देख रहते हैं हम आब-ओ-रंग-ए-गुल
मानिंद-ए-शबनम अश्क हैं मिज़्गान-ए-ख़ार के
“With longing gaze, we behold the flower's bloom and grace, Our tears, like dew, adorn the thorns' eyelashes.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
हम फूल के पानी और रंग (सौंदर्य) को हसरत से देखते रहते हैं। हमारे आँसू काँटों की पलकों पर शबनम की तरह हैं।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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