गरचे है इफ़शा-ए-राज़ अहल-ए-नज़र की फ़ुग़ाँ
हो नहीं सकता कभी शेवा-ए-रिंदाना आम
“If the secret disclosure is the lament of the observers, How can the straying flute ever be common?”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
भले ही रहस्यों का खुलासा देखने वालों का विलाप है, पर भटकते बाँसुरी का आम होना कभी संभव नहीं है।
विस्तार
यह शेर उस गहराई और पवित्रता की बात करता है जो किसी भी एहसास या रहस्य को छूने से नहीं मिट सकती। शायर कहते हैं कि भले ही आपके दिल के राज़.... लोगों के सामने खुल जाएं, पर वह कभी सामान्य नहीं हो सकते। उनकी नज़ाकत, उनका वजूद हमेशा खास रहेगा। यह बात बताती है कि सच्ची चीज़ों का मूल्य हमेशा अपरिवर्तित रहता है।
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