शिकवा तो एक छेड़ है लेकिन हक़ीक़तन तेरा सितम भी तेरी इनायत से कम नहीं

“My complaint is merely playful teasing, yet in truth, even your cruelty is no less than your grace.”

— जिगर मुरादाबादी
अर्थ

मेरी शिकायत तो केवल एक छेड़छाड़ या दिल्लगी है, जबकि असलियत में तुम्हारा सितम भी तुम्हारी मेहरबानी से कम नहीं है।

विस्तार

इश्क़ में आशिक़ के लिए महबूब की बेरुखी और सितम भी किसी नेमत से कम नहीं होते। शायर मुस्कुराते हुए कहता है कि मेरी शिकायतें तो बस बात आगे बढ़ाने और छेड़खानी का एक बहाना हैं। हक़ीक़त में तो तुम्हारा दिया हुआ दर्द भी तुम्हारी तवज्जो का ही रूप है, और महबूब का ध्यान मिल जाना किसी इनायत और मेहरबानी से कम नहीं होता।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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