Sukhan AI
खेत छोड़े सूरमा , जूझे को दल माँहआशा जीवन मरण की , मन में राखे नाँह183

The brave warrior does not leave the field; he keeps the hope of life and death within his heart.

कबीर
अर्थ

वीर योद्धा खेत नहीं छोड़ता; वह जीवन और मृत्यु की आशा अपने मन में रखता है।

विस्तार

यह दोहा हमें सिखाता है कि एक सच्चा योद्धा कभी युद्धभूमि (जीवन के संघर्ष) से भागता नहीं, बल्कि डटकर मुकाबला करता है। गहरी बात यह है कि ऐसा व्यक्ति जीवन और मृत्यु की आशा को अपने मन में नहीं पालता। इसका अर्थ है कि वह न तो जीवन से बहुत आसक्त होता है और न ही मृत्यु के डर से भयभीत होता है, बल्कि दोनों को सहजता से स्वीकार कर आगे बढ़ता है। यह आंतरिक संतुलन ही हमें हर चुनौती का सामना करने की अदम्य शक्ति देता है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.

← Prev80 / 10