Sukhan AI
~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~* सत्गुरु तो सतभाव है , जो अस भेद बतायधन्य शीष धन भाग तिहि जो ऐसी सुधि पाय466

The true Guru is the state of truth, which shows the non-difference. Blessed is the head, blessed is the fortune, for having attained such knowledge.

कबीर
अर्थ

सत्गुरु स्वयं सत्य की अवस्था हैं, जो इस भेद को समझाते हैं। धन्य होता है वह सिर और भाग्य, जिसे ऐसा ज्ञान प्राप्त होता है।

विस्तार

कबीर दास जी यहाँ समझा रहे हैं कि असली गुरु कोई बाहर का व्यक्ति नहीं, बल्कि सत्य का वो शुद्ध भाव है जो हमें हर चीज़ में एकरूपता दिखाता है। ये वो गहरी समझ है जो मन की सारी दीवारों को तोड़कर हमें बड़े विराट सत्य से जोड़ती है। जिस भाग्यशाली शिष्य को ये ज्ञान मिलता है, उसका मस्तक और उसका भाग्य दोनों धन्य हो जाते हैं, मानो उसे जीवन का सबसे अनमोल खजाना मिल गया हो।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.

← Prev63 / 10