Sukhan AI
नाज़ुक बदन है कितना वो शोख़-चश्म दिलबर जान उस के तन के आगे आती नहीं नज़र में

How delicate is her body, how mischievous are her eyes, oh beloved, The life (or soul) of her body does not come into my sight.

मीर तक़ी मीर
अर्थ

उस चंचल आँखों वाले प्रियतम का शरीर कितना कोमल और नाजुक है। उनके बदन की इस नजाकत और चमक के सामने तो प्राण यानी रूह भी आंखों को दिखाई नहीं देती।

विस्तार

यह शेर इश्क़ की उस गहराई को बयां करता है, जहाँ देखने वाले का अपना अस्तित्व भी धुंधला पड़ जाता है। शायर कह रहे हैं कि महबूबा का नज़ारा इतना मोहक है, कि उनकी खूबसूरती और अदाओं के आगे इंसान की अपनी जान, अपनी रूह भी फीकी पड़ जाती है। यह उस बेबस नशा है, जो देखने वाले को पूरी तरह से मदहोश कर देता है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.