होश जाता नहीं रहा लेकिन
जब वो आता है तब नहीं आता
“The consciousness does not subside, but when he arrives, he does not come.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मेरा होश नहीं रहता, लेकिन जब वह आता है, तब नहीं आता।
विस्तार
यह शेर उस अजीब सी बेचैनी को बयां करता है, जो किसी गहरे इश्क़ में होती है। शायर कह रहे हैं कि मेरा होश ठिकाने पर नहीं रहता, मेरा दिल हमेशा बेचैन रहता है। लेकिन जब मुझे सबसे ज़्यादा तुम्हारी ज़रूरत होती है, जब मेरा मन तुम्हें पुकारता है... तब तुम नहीं होते। यह इंतज़ार और तन्हाई का दर्द है।
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