आतिश-ए-तेज़ जुदाई में यकायक उस बिन
दिल जला यूँ कि तनिक जी भी जलाया न गया
“In the blazing fire of separation, suddenly, without her, My heart burned so fiercely that even a little life was not spared.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
जुदाई की तेज़ आँच में अचानक, उसके बिना, दिल को इस कदर जलाया कि थोड़ा सा जीवन भी नहीं बचा।
विस्तार
यह शेर जुदाई के उस असहनीय दर्द को बयां करता है, जो अचानक और बिना किसी कारण के हमला करता है। शायर कहते हैं कि यह आग सिर्फ दिल तक सीमित नहीं थी... यह इतनी तेज़ थी कि इसने जीवन के उस छोटे से अंश को भी जला दिया, जो ज़िंदा रहने का एहसास देता है। यह वियोग की उस पराकाष्ठा की बात है, जब दर्द ने इंसान को अंदर से राख कर दिया।
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