मशहूर हैं दिलों की मिरे बे-क़रारियाँ
जाती हैं ला-मकाँ को दिल-ए-शब की ज़ारियाँ
“My heart's restless wanderings are renowned, Like the lamps of the night, they go to the nowhere-found.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मशहूर हैं मेरे दिल की बेचैनियाँ, जो ला-मकाँ को दिल-ए-शब की ज़ारियों की तरह जाती हैं।
विस्तार
यह शेर आशिक़ के दिल की उस बेचैनी को बयां करता है जो कभी शांत नहीं होती। शायर कहते हैं कि उनकी बे-क़रारी, उनकी बेचैनी, हर किसी के दिल में मशहूर है। और दिल की ज़ारियाँ? वे किसी मंज़िल को नहीं, बल्कि बस रात के अँधेरे में कहीं भटकती रहती हैं। यह एक ऐसा दर्द है जो दुनिया को दिखाई देता है, पर कभी थम नहीं पाता।
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