कुश्ते की उस के ख़ाक भरी जिस्म-ए-ज़ार पर
ख़ाली नहीं हैं लुत्फ़ से लोहू की धारियाँ
“Upon the corpse-like body, dust-covered, of the wrestler, There are veins of blood, flowing with pleasure, not empty.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
कुश्ती के उस के धूल से भरे शव-जैसे शरीर पर, आनंद से बहते खून की नसें खाली नहीं हैं।
विस्तार
यह शेर इश्क़ की उस हद को दिखाता है जहाँ रूह और जिस्म दोनों मदहोश हो जाते हैं। शायर कहते हैं कि उस महबूब के ज़ार पर, जहाँ धूल और आँसू हैं, वहाँ ख़ून की नदियाँ भी मज़ा से भरी हैं। यह सिर्फ़ एक प्रेम नहीं है... यह एक जुनूनी, गहरा एहसास है, जो आपको ज़िंदा होने का मज़ा भी सिखाता है। वाह!
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