Sukhan AI
खींचा कर तू तेग़ कि इक दिन नहीं हैं हम ज़ालिम क़बाहतें हैं बहुत इम्तिहान में

Don't pull the bowstring, for we do not have many days; / For cruelties are many in this test.

मीर तक़ी मीर
अर्थ

शायर कह रहा है कि तू धनुष का तार न खींचे, क्योंकि हमारे पास ज़्यादा दिन नहीं हैं; / और यह कि ज़ालिम और क्रूरताएँ इस परीक्षा में बहुत हैं।

विस्तार

यह शेर एक दिल की तल्ख़ हकीक़त बयान करता है। शायर कह रहे हैं कि ज़ालिम, ये तेग़ (तलवार) मत खींचना.... क्योंकि ये ज़िंदगी ही अपने आप में बहुत से इम्तिहानों से भरी हुई है। हमारा दिल... हमारी रूह... इस कदर थक चुकी है कि एक और वार सहना मुमकिन नहीं! यह सिर्फ़ दर्द नहीं है, ये तो ज़िन्दगी के बोझ का इक़रार है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.