दिल नज़र-ओ-दीदा-पेश-कश ऐ बाइस-ए-हयात
सच कह कि जी लगे है तिरा किस मकान में
“O heart, eyes, and lovely countenance, you who are the essence of life, Tell me truly, in which house does your heart feel at home?”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
हे दिल, नज़रों और दीदा (चेहरे) के मालिक, ऐ बाइस-ए-हयात (जीवन के सार), सच कह कि जी लगे है तिरा किस मकान में।
विस्तार
यह शेर एक गहरे भावनात्मक सवाल को उठाता है। शायर अपने महबूब की सुंदरता की तारीफ करते हैं, लेकिन असली सवाल तो दिल के सुकून का है। वो जानना चाहते हैं कि आपके दिल का घर कहाँ है? यह सिर्फ किसी जगह का पता नहीं, बल्कि रूह के ठिकाने का सवाल है, जो इश्क़ की सबसे बड़ी उलझन होती है।
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