किस को नहीं है शौक़ तिरा पर न इस क़दर
मैं तो उसी ख़याल में बीमार हो गया
“Who is not fond of you, nor to this extent, I have fallen ill in that very thought.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
तुम्हारा शौक़ किस को नहीं, पर इस क़दर नहीं कि मैं तो उसी ख़याल में बीमार हो गया।
विस्तार
यह शेर इश्क़ की उस गहराई को बयां करता है जो महज़ एहसास नहीं, बल्कि एक रोग बन जाती है। शायर कहते हैं कि शायद औरों को आपके लिए यह शौक़ न हो, लेकिन उनके लिए भी यह उतना गहरा नहीं है जितना उनके लिए है। आपके ख़याल से ही उनका बीमार हो जाना, उनके इश्क़ की हद और जुनून को दिखाता है।
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