पहुँचे हर इक न दर्द को मेरे
वो ही जाने जो ऐसा हाल रखे
“Only he knows the pain that I have reached, He who keeps such a condition of mine.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मेरे हर दर्द को कौन पहुँचा है, यह तो वह ही जान सकता है जो मेरे इस हाल में है।
विस्तार
यह शेर उस गहरे अकेलेपन को बयां करता है, जब दर्द इतना निजी हो कि उसे किसी के सामने खोलना भी मुश्किल हो। शायर कह रहे हैं कि मेरे दिल का दर्द इतना गहरा है कि उसे शब्दों में बयां करना असंभव है। यह एक ऐसी पीड़ा है जो केवल दिल की गहराई में रहती है। यह एहसास कि कोई भी दूसरा व्यक्ति हमारी अंदरूनी उथल-पुथल को पूरी तरह नहीं समझ सकता, बहुत दर्दनाक होता है।
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