रह-रव-ए-राह ख़ौफ़नाक इश्क़
चाहिए पाँव को सँभाल रखे
“The murmuring of the path, a terrifying love, Requires the feet to keep their balance.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
राह-रव-ए-राह (रास्ते का शोर) और ख़ौफ़नाक इश्क़, दोनों ही पाँव को सँभाल रखने की माँग करते हैं।
विस्तार
ये शेर बताता है कि इश्क़ कोई साधारण एहसास नहीं होता। शायर कहते हैं कि इस ख़ौफ़नाक मोहब्बत का माहौल इतना गहरा है... कि हमें हर कदम बहुत सँभालकर रखना पड़ता है। यह सिर्फ़ महबूब की याद नहीं है, बल्कि इस एहसास का दायरा इतना बड़ा है कि हमें हर पल सतर्क रहना पड़ता है। क्या आपने कभी ऐसा प्यार महसूस किया है, जो इतना ज़बरदस्त हो?
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