हाथ क्या आवे वो कमर है हेच
यूँ कोई जी में कुछ ख़याल रखे
“What can the hands do to the waist, oh dear, If someone keeps thoughts within their heart?”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
अर्थात, किसी व्यक्ति के मन में विचार रखने से हाथों या कमर का कोई कार्य नहीं हो सकता।
विस्तार
यह शेर बहुत गहरा है। शायर कह रहे हैं कि हाथों की ताक़त या शारीरिक क्षमता से ज़्यादा ज़रूरी है दिल का फ़ैसला। हमारी असली क़ैद, हमारी असली ताक़त, हमारी सोच में है। अगर किसी ने बस अपने दिल में कोई ख़्याल रख लिया, तो वह ख़्याल ही इतना बड़ा हो जाता है कि वो हर चीज़ को रोक सकता है। यह एहसास दिलाता है कि दिमाग़, जिस्म से कहीं ज़्यादा शक्तिशाली होता है।
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