जी चला था कि तिरे होंट मुझे याद आए
ला'ल पाएँ हैं मैं इस जी ही के खोते खोते
“When I was walking, I remembered your lips, Losing myself in this very heart, I found you again.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
जब मैं टहल रहा था, तो मुझे आपके होंठ याद आए। इस मन को खोते-पाते, मुझे आप मिल गए।
विस्तार
यह शेर विरह और यादों के उस गहरे एहसास को बयान करता है, जब आप महबूब से दूर चले जाते हैं, लेकिन बस एक झलक, एक याद आपको वापस खींच लाती है। शायर कहते हैं कि यह यादें इतनी ताकतवर हैं कि आप अपना वजूद खो बैठते हैं। यह महज़ एक इश्क़ नहीं, यह रूह का टूटना है।
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