जी में है याद रुख़-ओ-ज़ुल्फ़-ए-सियह-फ़ाम बहुत
रोना आता है मुझे हर सहर-ओ-शाम बहुत
“In my heart, I recall your dark locks and visage so much, It makes me weep, both in the morning and in the evening.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मेरे दिल में आपकी काली ज़ुल्फ़ और चेहरा बहुत याद आता है, इसलिए मुझे सुबह और शाम दोनों समय रोना आता है।
विस्तार
यह शेर यादों के बोझ और बिछड़ने के दर्द को बयां करता है। शायर कह रहे हैं कि महबूब के चेहरे और काले ज़ुल्फ़ों की यादें इतनी ज़्यादा हैं कि सहना मुश्किल है। यह दर्द हर पल साथ रहता है... हर सुबह और हर शाम, आँसू बहते रहते हैं। यह एक ऐसा इश्क़ है जो दिल से कभी दूर नहीं होता।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
1 / 6Next →
