अजब शैख़-जी की है शक्ल-ओ-शमाइल
मिलेगा तो सूरत से बेज़ार होगा
“The appearance and form of this Sheikh-ji are unusual; When you see him, your eyes will be weary.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
अजब शैख़-जी की शक्ल और शमाइल हैं; जब आप उनसे मिलेंगे, तो आपकी आँखें थक जाएँगी।
विस्तार
यह शेर मिर्ज़ा तक़ी मीर का एक शानदार नज़रिया है, जो हास्य और गहन शायरी का बेहतरीन मिश्रण है। शायर यहां एक ऐसे शख़्स की बात कर रहे हैं जिसका अंदाज़ और रूप इतना अनोखा है कि उससे मिलना भी एक तरह की थकान दे सकता है। यह महज़ मज़ाक नहीं है, बल्कि इंसान के रिश्तों की जटिलता पर एक बहुत ही गहरी टिप्पणी है।
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