न रो इश्क़ में दश्त-गर्दी को मजनूँ
अभी क्या हुआ है बहुत ख़्वार होगा
“Oh, Majnun, who is dusty with the journey of love, do not weep; what has happened is but a passing moment, and much glory awaits.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
हे मजनूँ, जो इश्क़ की यात्रा से धूल से सना है, मत रो; जो हुआ वह क्षणिक है और बहुत यश प्राप्त होगा।
विस्तार
यह शेर एक बहुत गहरे दर्द और एक चेतावनी को बयां करता है। शायर कह रहे हैं कि आशिक़! तू इश्क़ के इस दश्त-गर्दी पर रो मत। अभी जो दर्द है, यह कुछ भी नहीं है। तेरे लिए तो बहुत बड़ी तन्हाइयाँ और बहुत बड़ा ग़म इंतज़ार कर रहा है। यह दर्द सहने की हिम्मत का पैगाम है।
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