ऐसे हँसमुख को शम्अ' से तश्बीह
शम्अ-ए-मज्लिस की रोनी सूरत है
“To compare such a cheerful face with a lamp's glow, Is like the tearful countenance of the evening gathering.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
ऐसे हँसमुख को दीपक से तुलना करना, महफ़िल की रोनी सूरत जैसा है।
विस्तार
Mir Taqi Mir साहब यहाँ एक बहुत ही गहरी बात कह रहे हैं। वह कहते हैं कि किसी हँसमुख इंसान को मोमबत्ती से तुलना करना तो बहुत कम है। क्योंकि उस इंसान का चेहरा... उसकी रोनी सूरत... वह खुद ही महफ़िल की रोशनी है। उनकी उपस्थिति ही इतनी रौशन होती है कि पूरे माहौल को जगमगा देती है।
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