ख़ून-ए-हसरत कह रहा है दास्तान-ए-लखनऊ रह गया है अब यही रंगीं-बयान-ए-लखनऊ

“The bleeding heart of longing now recounts the tale of Lucknow; this alone remains today as the eloquent voice of Lucknow.”

— नज़्म तबातबाई
अर्थ

अधूरी हसरतों का ख़ून लखनऊ की दास्तान सुना रहा है। अब लखनऊ की रंगीन और दिलकश दास्तान बयां करने के लिए सिर्फ़ यही बाकी रह गया है।

विस्तार

लखनऊ कभी अपनी नज़ाकत, तहज़ीब और मीठी ज़बान के लिए दुनिया भर में जाना जाता था, मगर इस शेर में शायर उस उजड़ चुकी रौनक का दर्द बयान कर रहा है। वह कहता है कि अब इस शहर की पुरानी शानो-शौकत और रंगीनियां मिट चुकी हैं। अब तो बस अधूरी हसरतों का बहता हुआ ख़ून ही बचा है, जो दर्द भरी दास्तान सुनाने वाला लखनऊ का अकेला और सबसे असरदार बयान बन गया है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठUnavailable
हिंदी अर्थUnavailable
अंग्रेज़ी अर्थUnavailable
हिंदी विस्तारUnavailable
अंग्रेज़ी विस्तारUnavailable
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.