আনন্দলোকে মঙ্গলালোকে বিরাজ সত্য সুন্দর,
মহিমা তব উদ্ভাসিত তারায় তারায়, গ্রহে গ্রহান্তর॥
“আনন্দলোকে মঙ্গলালোকে বিরাজ সত্য সুন্দর, মহিমা তব উদ্ভাসিত তারায় তারায়, গ্রহে গ্রহান্তর॥”
— रवींद्रनाथ टैगोर
अर्थ
हे सत्य और सुंदर, आप आनंद और कल्याण के लोकों में विराजमान हैं। आपकी महिमा हर तारे में और ग्रह-ग्रह पर प्रकाशित होती है।
विस्तार
यह दोहा एक दिव्य उपस्थिति के बारे में बताता है, जो सत्य और सौंदर्य को आनंद और शुभता के लोकों में निवास करते हुए चित्रित करता है। यह सुझाव देता है कि यह अद्भुत सार किसी एक स्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी महिमा पूरे ब्रह्मांड में चमकती है। हर टिमटिमाते तारे और हर दूर के ग्रह में इसकी शानदार उपस्थिति झलकती है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह दिव्य सत्य और सौंदर्य हर जगह है, ब्रह्मांड को अपने आनंदमय और शुभ प्रकाश से भर देता है।
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