আলোকময় কোটি রবি তোমার চরণে কর নতি,
অন্ধকার সব নিমেষেক নাশে তোমার দীপ্তি রতি॥
“আলোকময় কোটি রবি তোমার চরণে কর নতি, অন্ধকার সব নিমেষেক নাশে তোমার দীপ্তি রতি॥”
— रवींद्रनाथ टैगोर
अर्थ
करोड़ों तेजस्वी सूर्य आपके चरणों में नमन करते हैं। आपकी दिव्य दीप्ति से पल भर में सारा अंधकार नष्ट हो जाता है।
विस्तार
यह दोहा एक ऐसी परम शक्ति का वर्णन करता है जिसकी चमक अकल्पनीय है। यह कहता है कि करोड़ों प्रकाशमान सूर्य भी उसके चरणों में विनम्रता से झुकते हैं, उसकी अद्वितीय महिमा को स्वीकार करते हैं। उसकी उपस्थिति में, चाहे वह शाब्दिक अंधेरा हो या अज्ञानता और नकारात्मकता का प्रतीक, सब तुरंत गायब हो जाता है। यह एक दिव्य प्रकाश के विचार को उजागर करता है जो सर्वव्यापी है, अपनी शुद्ध और विशाल चमक से सभी छायाओं को मिटा देता है। यह परम सत्य और प्रबुद्ध ज्ञान का एक शक्तिशाली प्रतीक है।
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