“Unloose your dark tresses, for the Sovereign of Love requires the auspicious shade of the Huma's wing.”
अपनी ज़ुल्फ़ें खोल दो, क्योंकि इश्क़ के बादशाह को हुमा परिंदे के परों के साए की ज़रूरत है।
इस शेर में आशिक़ अपनी महबूबा से बड़ी सादगी और नज़ाकत से इल्तिजा करता है कि वह अपनी ज़ुल्फ़ें बिखेर दे। पुरानी रिवायतों में माना जाता है कि जिस पर हुमा परिंदे का साया पड़ जाए, वह बादशाह बन जाता है; शायर खुद को 'इश्क़ का शहंशाह' कहते हुए अपनी सल्तनत की कामयाबी महबूबा की ज़ुल्फ़ों के साए में देखता है। यह सिर्फ़ बालों की ख़ूबसूरती की तारीफ़ नहीं, बल्कि महबूबा की पनाह में मिलने वाले सुकून और रुतबे का दिलकश इज़हार है।
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