हुस्न के ख़िज़्र ने किया लबरेज़ आब-ए-हैवाँ सूँ जाम तुझ लब का

“The Khizr of beauty has filled to overflowing, with the water of eternal life, the goblet of your lips.”

— वली दकनी
अर्थ

हुस्न के ख़िज़्र ने तुम्हारे होंठों के प्याले को आब-ए-हयात (अमरता के जल) से लबालब भर दिया है।

विस्तार

यहाँ शायर महबूब के लबों की तारीफ़ बड़े ही दिलकश अंदाज़ में कर रहा है। लोक-मान्यताओं में हज़रत ख़िज़्र को 'आब-ए-हयात' (अमरता का अमृत) पाने वाला माना गया है, मगर यहाँ सौंदर्य ख़ुद ख़िज़्र बनकर महबूब के होंठों के जाम को उसी जीवनदायी रस से लबालब भर रहा है। इसका खूबसूरत भाव यह है कि माशूक़ के होंठ इतने पाकीज़ा और रूहानी हैं कि उनका एक दीदार भी बेजान आशिक़ को हमेशा की ज़िंदगी बख़्श सकता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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