वो साल भर से कुदूरत भरी जो थी दिल में वो दूर हो गई बस एक बार ईद के दिन

“All the bitterness that had filled the heart throughout the year, was washed away in a single moment on the day of Eid.”

— अकबर इलाहाबादी
अर्थ

पूरे साल से दिल में जो रंजिश और मैल भरा हुआ था, वह ईद के दिन एक ही बार में दूर हो गया।

विस्तार

इस शेर में साल भर के गिले-शिकवों और दिल के मैल को ईद की एक जादुई मुलाकात से धुलते हुए दिखाया गया है। 'कुदूरत' यानी मन की कड़वाहट अक्सर लम्बे समय में भी कम नहीं होती, लेकिन ईद का त्योहार ऐसी बरकत और मोहब्बत लेकर आता है कि सारे फासले एक पल में मिट जाते हैं। यह सादगी भरा शेर हमें याद दिलाता है कि ईद का असल मक़सद सिर्फ खुशियाँ मनाना नहीं, बल्कि दिलों को साफ़ करके एक-दूसरे को गले लगाना है।

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