“In a sudden surge of passion, I embraced them to my chest; in truth, on the day of Eid, love overtook me at last.”
प्रेम के तीव्र आवेग में मैंने उन्हें अपने सीने से लगा लिया; सच तो यह है कि ईद के दिन आखिरकार मुझे उन पर प्यार आ ही गया।
ईद के दिन गले मिलने की एक प्यारी रिवायत होती है, लेकिन आशिक़ ने इस रस्म को अपने दिल की हसरत पूरी करने का ज़रिया बना लिया। मोहब्बत के बेपनाह जोश में सारी झिझक दूर हो गई और महबूब को बेअख़्तियार सीने से लगा लिया। यह शेर उस ख़ूबसूरत लम्हे को बयां करता है जहाँ त्योहार की ख़ुशी और दिल का छुपा हुआ प्यार एक साथ छलक उठते हैं।
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