जहाँ में हाल मिरा इस क़दर ज़बून हुआ कि मुझ को देख के बिस्मिल को भी सुकून हुआ

“So wretched in this world did my condition grow, that seeing me, even the slaughtered prey found solace in its woe.”

— अकबर इलाहाबादी
अर्थ

दुनिया में मेरी हालत इस कदर दयनीय और खराब हो गई कि मुझे देखकर तड़पते हुए घायल शिकार को भी सुकून मिल गया।

विस्तार

इस शेर में शायर ने अपने ग़म और बेबसी की इंतहा बयां की है। 'बिस्मिल' उस परिंदे या शिकार को कहते हैं जो ज़ब्ह होने के बाद ख़ून में तड़प रहा हो। शायर कहते हैं कि उनका दिल इस कदर टूटा हुआ और हाल इतना बदतर है कि तड़पते हुए शिकार ने भी जब उन्हें देखा, तो उसे लगा कि उसका दर्द तो शायर के दर्द के आगे कुछ भी नहीं, और उसे एक अजीब सा सुकून मिल गया।

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