आए हो 'हाली' पए-तस्लीम याँ आप को चून-ओ-चगूँ से क्या ग़रज़

“You have come here, O Hali, to surrender and bow; what business have you now with the 'why' and the 'how'?”

— अल्ताफ़ हुसैन हाली
अर्थ

ऐ हाली, आप यहाँ सिर झुकाने और समर्पण करने के लिए आए हैं, तो फिर आपको किसी भी 'क्यों' और 'कैसे' के सवाल से क्या मतलब?

विस्तार

हाली यहाँ अपने ही दिल को समझाते हैं कि जब तुम महबूब की चौखट पर ख़ुद को पूरी तरह समर्पित करने (तस्लीम) आ ही गए हो, तो फिर यह अक्ल की दलीलें और सवाल-जवाब (चून-ओ-चगूँ) कैसे? इश्क़ और समर्पण की राह में 'क्यों' और 'कैसे' की कोई गुंजाइश नहीं बचती। यह शेर हमें याद दिलाता है कि सच्ची निष्ठा में सारी शंकाएँ मिट जाती हैं और केवल रज़ा और मुकम्मल भरोसा ही बाक़ी रह जाता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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