ग़ज़ल

इश्क़ को तर्क-ए-जुनूँ से क्या ग़रज़

عشق کو ترک جنوں سے کیا غرض
अल्ताफ़ हुसैन हाली· Ghazal· 9 shers· radif: से क्या ग़रज़

यह ग़ज़ल इश्क़ के असीम जुनून और उसकी स्वायत्तता को दर्शाती है, जहाँ सच्चा प्रेमी दुनियावी समझदारी या संयम की बंदिशों से बेपरवाह होता है। इसमें यह भाव प्रमुख है कि यदि दिल में सच्ची लगन और तलब हो, तो पथिक को किसी रहनुमा या बाहरी सहारे की आवश्यकता नहीं होती।

Source: rekhta · HI

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लिपि व अर्थ
1
इश्क़ को तर्क-ए-जुनूँ से क्या ग़रज़ चर्ख़-ए-गर्दां को सुकूँ से क्या ग़रज़
इश्क़ का अपने दीवानेपन को छोड़ने से कोई वास्ता नहीं है, ठीक उसी तरह जैसे निरंतर घूमने वाले आसमान को सुकून या ठहराव से कोई मतलब नहीं होता।
2
दिल में है ऐ ख़िज़्र गर सिदक़-ए-तलब राह-रौ को रहनुमों से क्या ग़रज़
ऐ ख़िज़्र, अगर दिल में चाहत और लगन की सच्ची तड़प हो, तो मुसाफ़िर को किसी रहनुमा या मार्गदर्शक की कोई ज़रूरत नहीं होती।
3
हाजियो है हम को घर वाले से काम घर के मेहराब ओ सुतूँ से क्या ग़रज़
हे हाजियों, हमारा वास्ता तो घर के मालिक (ईश्वर) से है; हमें उस घर की मेहराबों और खंभों से क्या लेना-देना?
4
गुनगुना कर आप रो पड़ते हैं जो उन को चंग ओ अरग़नूँ से क्या ग़रज़
जो लोग खुद ही कुछ गुनगुना कर रो पड़ते हैं, उन्हें चंग और अरग़नून जैसे वाद्य-यंत्रों और संगीत के साज़ों से क्या लेना-देना।
5
नेक कहना नेक जिस को देखना हम को तफ़्तीश-ए-दरूँ से क्या ग़रज़
जो देखने में अच्छा लगे उसे अच्छा ही कहना चाहिए, हमें किसी के आंतरिक विचारों या दिल की पड़ताल करने से कोई सरोकार नहीं है।
6
दोस्त हैं जब ज़ख़्म-ए-दिल से बे-ख़बर उन को अपने अश्क-ए-ख़ूँ से क्या ग़रज़
जब दोस्त ही दिल के ज़ख़्म से बेख़बर हैं, तो उन्हें मेरे ख़ून के आँसुओं से क्या सरोकार हो सकता है।
7
इश्क़ से है मुजतनिब ज़ाहिद अबस शेर को सैद-ए-ज़बूँ से क्या ग़रज़
ज़ाहिद (तपस्वी) बेकार ही इश्क़ से बचता फिरता है, क्योंकि शेर को किसी कमज़ोर शिकार से क्या मतलब हो सकता है।
8
कर चुका जब शैख़ तस्ख़ीर-ए-क़ुलूब अब उसे दुनिया-ए-दूँ से क्या ग़रज़
जब शैख़ लोगों के दिलों को जीत चुका है, तो अब उसे इस तुच्छ और मतलबी दुनिया से क्या सरोकार रह गया है।
9
आए हो 'हाली' पए-तस्लीम याँ आप को चून-ओ-चगूँ से क्या ग़रज़
ऐ हाली, आप यहाँ सिर झुकाने और समर्पण करने के लिए आए हैं, तो फिर आपको किसी भी 'क्यों' और 'कैसे' के सवाल से क्या मतलब?
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