नूर के हम ने गले देखे हैं ऐ 'हाली' मगर रंग कुछ तेरी अलापों में नया पाते हैं हम

“Throats of pure celestial light we have heard, O Hali, yet in your melodic strains we find a color altogether new.”

— अल्ताफ़ हुसैन हाली
अर्थ

ऐ हाली! हमने रोशनी से भरे बहुत से बेहतरीन गले देखे और सुने हैं, लेकिन तुम्हारी अलापों में हमें एक बिल्कुल नया ही रंग मिलता है।

विस्तार

शायर कहता है कि हमने बहुत से नूरानी और बेमिसाल फनकारों के नग़मे सुने हैं, लेकिन ऐ हाली, आपके सुरों और अलापों में एक बिल्कुल अनोखा ही रंग है। यहाँ पुरानी रिवायतों की चकाचौंध के मुकाबले हाली की शायरी की सादगी, नएपन और सामाजिक चेतना की दाद दी गई है। यह शेर बताता है कि सच्ची शायरी वही है जो सिर्फ कानों को भली न लगे, बल्कि अपनी ताज़गी और सच्चे जज़्बे से सीधे रूह में उतर जाए।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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