“We seek the path, yet astray our footsteps fall; let us see what it is we seek, and what we find after all.”
हम सही रास्ते की तलाश में हैं लेकिन हमारे कदम भटक जाते हैं; देखना यह है कि हम क्या ढूँढ रहे हैं और हमें क्या मिलता है।
यह शेर इंसान के उस अंतर्द्वंद्व को बयां करता है जहाँ वह सही रास्ता तो तलाशता है, लेकिन उसके कदम खुद-ब-खुद भटक जाते हैं। शायर बहुत सादगी से समझा रहे हैं कि नीयत नेक होने के बावजूद ज़िंदगी अक्सर हमें अनजानी और टेढ़ी राहों पर ले जाती है। अंत में एक प्यारी सी हैरानी और बेचैनी है कि हम जिस मंज़िल की तलाश में निकले थे, क्या हमें वही मिलेगी या मुक़द्दर हमें कुछ और ही थमा देगा।
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