“One day I found myself upon the open road / Drawn by a longing to roam the wilderness.”
एक दिन हम रास्ते पर निकल पड़े क्योंकि हमें वीराने या जंगल में भटकने का शौक़ था।
यह शेर दिल की उस बेचैन ख्वाहिश को बयां करता है जो इंसान को दुनियावी बंधनों से निकालकर अनजान राहों पर ले आती है। 'बादिया-पैमाई' का मतलब सहरा यानी रेगिस्तान की ख़ाक छानना है, जो शायरी में इश्क़ और दीवानगी का बड़ा मशहूर प्रतीक है। शायर यहाँ किसी तय मंज़िल की तलाश में नहीं निकला, बल्कि रूह के उस गहरे शौक़ की खातिर चल पड़ा है जो उसे खुद को मिटाकर किसी बड़े सफर में खो जाने की दावत देता है।
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