“The intoxication of love has swept me away; now in pure delight, I scatter all to the wind.”
इश्क़ का नशा मुझे अपने साथ उड़ा ले गया है, और अब मैं बेख़ुदी और मस्ती के आलम में सब कुछ उड़ा (लुटा) रहा हूँ।
इस शेर में इश्क़ के मदहोश कर देने वाले असर को 'उड़ाना' लफ़्ज़ के खूबसूरत खेल के ज़रिए बयां किया गया है। मोहब्बत के सुरूर ने शायर को दुनियावी चिंताओं से आज़ाद कर के जैसे हवा में उछाल दिया है। अब इस बेख़ुदी और मस्ती के आलम में वह अपना होश-ओ-हवास या जो कुछ भी लुटा रहे हैं, वह किसी मलाल के बिना केवल उस आनंद की तरंग में उड़ा रहे हैं।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
ऑडियो
Free — just your email. You'll come right back here.
No comments yet. Be the first.
