“Count it a blessing, dear friends, that in this tavern of the world, if even for a fleeting breath, a joyful heart is granted to us and to you.”
ऐ दोस्तो, तुम इसे बहुत बड़ी बात और ग़नीमत समझो कि इस मयकदे (दुनिया) में एक पल के लिए ही सही, ख़ुश दिल हमें भी नसीब हो जाए और तुम्हें भी।
शायर ने इस दुनिया को एक 'ख़ुम-ख़ाने' यानी मयख़ाने से तश्बीह दी है, जहाँ ज़िंदगी का नशा और उसके ग़म दोनों साथ चलते हैं। उनका कहना है कि इस बेचैन और फ़ानी दुनिया में अगर हमें और आपको एक पल के लिए भी दिल का सच्चा चैन और ख़ुशी नसीब हो जाए, तो इसे बहुत बड़ी नेमत समझना चाहिए। यह शेर दोस्तों के साथ बैठकर यह याद दिलाने जैसा है कि ज़िंदगी के छोटे-छोटे हसीन लम्हों को पूरी शिद्दत से जीना और उनकी क़द्र करना कितना ज़रूरी है।
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