दिलों पर सैकड़ों सिक्के तिरे जोबन के बैठे हैं कलेजों पर हज़ारों तीर इस चितवन के बैठे हैं

“Upon hearts, a hundred seals of your blooming youth are stamped; in breasts, a thousand arrows of your sidelong glance are lodged.”

— दाग़ देहलवी
अर्थ

दिलों पर तुम्हारी जवानी के हुस्न के सैकड़ों सिक्के जमे हुए हैं, और सीनों पर तुम्हारी इस तिरछी नज़र के हज़ारों तीर लगे हुए हैं।

विस्तार

इस शेर में शायर महबूब के हुस्न और उसकी अदाओं की बेपनाह हुकूमत को बड़े दिलचस्प अंदाज़ में बयां कर रहा है। पहली पंक्ति में जवानी के असर को एक शाही सिक्के की तरह देखा गया है, जो दिलों पर अपनी बादशाही की मुहर लगा देता है। वहीं दूसरी पंक्ति में महबूब की तिरछी नज़र को तीरों की मानिंद बताया गया है, जो एक ही वार में हज़ारों आशिक़ों के सीने छलनी कर देती है। हुस्न का यह मीठा रोब और घायल करने वाली अदा आशिक़ को पूरी तरह अपना गुलाम बना लेती है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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