“Who has the leisure for the spectacle of the world? Count it a blessing just to catch a single glance.”
दुनिया का तमाशा देखने की फ़ुर्सत किसे है? बस एक नज़र देख लेना ही बहुत ग़नीमत है।
शायर यहाँ ज़िंदगी की रफ़्तार और दुनिया के अंतहीन मेले के बीच हमारे पास बचे कम वक़्त की बात कर रहे हैं। यह संसार एक विशाल तमाशा है जिसे पूरा देखने की मोहलत किसी को नहीं मिलती, इसलिए भागदौड़ में अगर किसी हसीन लम्हे या अपने महबूब पर बस एक नज़र भी पड़ जाए, तो उसे ही बहुत बड़ी नेमत समझना चाहिए। यह शेर हमें सिखाता है कि हर चीज़ पा लेने की हसरत के बजाय ज़िंदगी के छोटे-छोटे पलों को पूरी शिद्दत से जीना ही असली सुकून है।
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