दिल को सुकून रूह को आराम आ गया मौत आ गई कि दोस्त का पैग़ाम आ गया

“The heart found peace, the soul attained sweet rest; has death arrived, or a message from the beloved?”

— जिगर मुरादाबादी
अर्थ

दिल को सुकून और आत्मा को चैन मिल गया है; क्या मौत आ पहुँची है या फिर महबूब का पैग़ाम आ गया है।

विस्तार

इस शेर में दर्द और तड़प की उस इंतहा को बयां किया गया है, जहाँ मौत भी महबूब के पैगाम जैसी राहत देने वाली लगती है। शायर कहता है कि बहुत वक़्त बाद दिल और रूह को जो गहरा सुकून मिला है, वह समझ नहीं पा रहा कि यह उसके सनम की कोई चिट्ठी है या फिर ज़िंदगी की तकलीफ़ों को ख़त्म करने आई मौत। यहाँ मौत और महबूब के एहसास को इतनी ख़ूबसूरती से मिला दिया गया है कि दोनों ही तड़पते दिल के लिए सिर्फ़ सुकून का जरिया बन जाते हैं।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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