दिल को न पूछ मारका-ए-हुस्न-ओ-इश्क़ में क्या जानिए ग़रीब कहाँ काम आ गया

“Ask not of the heart in the battle of beauty and love; who knows where the poor wretch fell and met its end.”

— जिगर मुरादाबादी
अर्थ

हुस्न और इश्क़ के युद्ध में दिल का हाल मत पूछिए, न जाने वह बेचारा कहाँ मारा गया।

विस्तार

इस शेर में शायर ने हुस्न और इश्क़ के रिश्ते को दो बड़ी ताक़तों के बीच छिड़ी जंग की तरह पेश किया है। इस महायुद्ध में नाज़ुक और लाचार दिल को 'ग़रीब' कहकर पुकारा गया है, जो दोनों की ज़िद और कशमकश के बीच कहीं पिस गया। यहाँ 'काम आ गया' मुहावरा शहादत और क़ुर्बान हो जाने के दोहरे मानी में बेहद ख़ूबसूरती से आया है—मानो दिल इस लड़ाई में इतनी ख़ामोशी से मिट गया कि किसी को उसकी गुमशुदगी का एहसास तक न हुआ।

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